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रेलकर्मियों को मिलेगी ‘काला कानून’ से मुक्ति, नौकरी भी रहेगी सुरक्षित

रेलवे में सेवारत कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर। उन्हें अब जल्द न केवल ‘काला कानून’ से मुक्ति मिल जाएगी बल्कि उनकी नौकरी भी सुरक्षित रहेगी। यूनियन के दबाव में पूर्व मध्य रेल ने 14/2 का इस्तेमाल नहीं करने की स्वीकृति दी है। महाप्रबंधक स्तर पर जोन के सभी रेल मंडलों को इस संबंध में आदेश जारी करने की बात कही गई है।

क्या है 14/2

रेलवे में कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई के तहत एसएफ-11 और एसएफ-5 जैसी कार्रवाई होती है। पर इन कार्रवाईयों के दौरान उनकी नौकरी जाने का खतरा नहीं रहता। मगर 14/2 को कर्मचारी काला कानून मानते हैं जिसकी वजह यह है कि इसके लागू होते ही बगैर कर्मचारी का पक्ष जाने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाता है।

पूर्व मध्य रेल में कई कर्मचारी हो चुके बर्खास्त 

पूर्व मध्य रेल में 14/2 का इस्तेमाल कर कई कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। तकरीबन पांच माह पूर्व धनबाद रेल मंडल के बरवाडीह में दुर्घटना के बाद रेल रोकने के मामले में चालक को बर्खास्त किया गया है। टोरी में भी एक कर्मचारी पर ऐसी कार्रवाई हुई है। अन्य मंडलों में भी कई कर्मचारियों से नौकरी छीन ली गई है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 14/2 तभी लाया जाता है कि उस कर्मचारी के खिलाफ इंक्वायरी मुमकिन न हो।

किस रेल मंडल में कितनी कार्रवाई

धनबाद – 2

सोनपुर – 5

दानापुर – 2

मुगलसराय – 3

बगैर कर्मचारी का पक्ष जाने उसे बर्खास्त करना दमनकारी फैसला है। यूनियन ने महाप्रबंधक के साथ हुई स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सभी रेल मंडलों को आदेश जारी करने की स्वीकृति दी है।’

संतोष तिवारी, सहायक महामंत्री

ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन 

 




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