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झारखंड में लगनी थी 7000 करोड़ की कंपनी, चली गयी वियतनाम

मोमेंटम झारखंड के दौरान सात हजार करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव पर एमओयू करनेवाली कोरियाई ग्रुप अॉफ कंपनीज ने झारखंड से नाता पूरी तरह तोड़ लिया है. रांची के तुपुदाना में कंपनी द्वारा कोरियाई पार्क लगाने के लिए एमओयू किया था.  इसके लिए 200 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गयी थी.
केवल  जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शेष थी. पर कंपनी पहले गुजरात और अब वियतनाम में अपना प्लांट ले गयी है. गुजरात में चुनाव के बाद प्लांट लगाने की दिशा में काम किया जायेगा. कोरियाई कंपनी स्मार्ट ग्रिड के ओएमडी सुनील मिश्रा का कहना है कि झारखंड सरकार प्लांट को लेकर गंभीर नहीं थी, तो कंपनी क्यों गंभीर रहती. यहां के अधिकारियों का रवैया इंडस्ट्रीज फ्रेंडली नहीं है. यहां तो कंपनी भी आगे नहीं बढ़ सकती.
सीएम के कार्यक्रम में तब्दीली बनी वजह :  कोरियाई कंपनी के एमडी सुनील मिश्रा ने उद्योग सचिव सुनील बर्णवाल को पत्र लिख कर पूर्व में ही साफ कर दिया है कि अब उनकी कंपनी झारखंड में प्लांट नहीं लगाना चाहती. यहां के कुछ अधिकारियों के रवैये से कंपनी असहज महसूस कर रही है.
बताया गया कि प्रारंभ में कोरियाई कंपनी ने 17 जुलाई से 21 जुलाई के बीच दक्षिण कोरिया में निवेशक सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें मुख्यमंत्री रघुवर दास को शामिल होना था.
पर राष्ट्रपति चुनाव की वजह से तिथि में परिवर्तन किया गया. इसे 25 जुलाई से दो अगस्त तक किया गया. इसके बाद दक्षिण कोरिया का एक शिष्टमंडल 10 जुलाई को मुख्यमंत्री से मिला आैर नयी  तिथि की जानकारी दी. शिष्टमंडल का नेतृत्व यून शुक हून कर रहे थे. जिसमें स्मार्ट ग्रिड ग्रुप के एमडी सुनील मिश्रा भी शामिल थे. अगले दिन 11 जुलाई को इनकी मुलाकात मुख्य सचिव से हुई. मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यक्रम में तब्दीली की जाये.
इस कार्यक्रम को 15 अगस्त के बाद रखा जाये. कोरियाई प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह असंभव है. सारे लोगों को बोल दिया गया है. कई निवेशकों का समय मिल गया है. अब तिथि बदलना संभव नहीं है. यह बात करके कोरियाई कंपनी के प्रतिनिधि वापस चले गये. फिर उद्योग सचिव को एक इ-मेल से खबर किया कि झारखंड में परियोजना लगाना संभव नहीं है.
क्या कहते हैं कंपनी के एमडी
स्मार्ट ग्रिड ग्रुप के एमडी सुनील मिश्रा से स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने पहले उद्योग सचिव को सूचना दे दी थी कि अब झारखंड में काम करना संभव नहीं है. झारखंड की परियोजना को अब वियतनाम में लगाया जा रहा है. वहीं गुजरात में भी कोरियाई पार्क के लिए बातचीत चल रही है.
अभी चुनाव की वजह से मामला लंबित है. चुनाव के बाद नयी सरकार गठित होते ही इस मुद्दे पर फिर बात की जायेगी. श्री मिश्र ने कहा कि झारखंड के अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है.  पहले भी ग्रुप के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव से मिलने के लिए दिन भर इंतजार  करना पड़ा. पर वह नहीं मिली. ऐसे में कोई निवेशक कैसे अधिकारियों पर भरोसा करें. यही वजह है कि हम इस परियोजना को ड्रॉप करके वियतनाम ले गये.  सात हजार करोड़ रुपये का निवेश होना था. जिससे झारखंड अब वंचित हो जायेगा.
तुपुदाना में बनना था पार्क
दक्षिण कोरिया की ग्रुप अॉफ कंपनीज द्वारा तुपुदाना में कोरियन इंडस्ट्रीयल पार्क बनाने के लिए स्थल निरीक्षण भी 17 फरवरी को किया गया था. दक्षिण कोरिया की कंपनियों द्वारा मोमेंटम झारखंड के दौरान आठ एमओयू पर साइन भी किये गये थे.
तुपुदाना में रियाडा की 200 एकड़ जमीन कोरियन पार्क के लिए चिह्नित की गयी. कंपनी के प्रतिनिधियों ने वहां पार्क लगाने पर सहमति दे दी थी. इसके बाद प्रक्रिया के तहत कंपनी द्वारा रियाडा में 200 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का आवेदन दिया गया है.  दक्षिण कोरियाई कंपनियों में स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड, केके नेसार कंसोर्टियम, स्मार्ट सिटी वन कंपनी शामिल है.
मूल रूप से तुपुदाना में इंडस्ट्रीयल बैटरी, बैटरी व्हीकल, स्मार्ट इनवर्टनर, सोलर माइक्रो ग्रिड, अाइटी आधारित ग्रिड, इ-गर्वनेंस, स्मार्ट मीटर, आइटी हार्डवेयर का काम होना था.  कोरिया की  तीन कंपनियों द्वारा जमशेदपुर के इलेक्ट्रोनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर में भी निवेश करने की बात कही गयी थी.
17 फरवरी काे हुआ था एमआेयू
कंपनी उत्पाद निवेश (करोड़ में) रोजगार
स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड बैटरी 500 150
स्मार्ट ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड बैटरी व्हीकल 1500 300
स्मार्ट सिटी वन कंपनी स्मार्ट मीटर 140 80
स्मार्ट ग्रिड प्रा लि माइक्रो ग्रिड 2100 600
स्मार्ट ग्रिड प्रा लि इ-गवर्नेंस 66 30
स्मार्ट ग्रिड प्रा लि एंड केके निसार एनर्जी इनोवेशन 835 1500



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