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शुरू हुआ मृत्यु पंचक, न करें ये काम

ज्योतिषशास्त्र में पंचक को अशुभ माना गया है। इस दौरान कुछ काम करने की मनाही है। इसे अशुभ और हानिकारक नक्षत्रों का योग माना जाता है। नक्षत्रों के मेल से बनने वाले विशेष योग को पंचक कहा जाता है। जब चन्द्रमा, कुंभ और मीन राशि पर रहता है, तब उस समय को पंचक कहते हैं। शनिवार से शुरू हुआ पंचक सबसे ज्यादा घातक होता है। इसे मृत्यु पंचक कहा जाता है। अगर इस दिन किसी कार्य की शुरुआत करने से व्यक्ति को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ता है। तो इस दौरान कोई भी जोखिम भरा कार्य नहीं करना चाहिए। इस दौरान व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते हैं। यह पंचक मृत्यु के बराबर परेशानी देने वाला होता है। इन पांच दिनों में किसी भी तरह के जोखिम भरे काम नहीं करने चाहिए। इसके प्रभाव से विवाद, चोट, दुर्घटना आदि होने का खतरा रहता है।

पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है।

पंचक में चारपाई बनवाना अच्छा नहीं माना जाता। विद्वानों के अनुसार ऐसा करने से घर में कोई बड़ा संकट खड़ा होता है।

पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी आदि जलने वाली वस्तुएं इकट्ठी नहीं करना चाहिए, इससे आग लगने का भय रहता है।

पंचक में किसी की मृत्यु होने से और पंचक में शव का अंतिम संस्कार करने से उस कुटुंब या निकटजनों में पांच मृत्यु और हो जाती है।

पंचक के दौरान जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए, ऐसा विद्वानों का मत है। इससे धन हानि और घर में क्लेश होता है।




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